परिवार बस जीवन का ही आधार रहता है ये सभी नातों की सबसे अहम बंधन से शामिल प्रतीत होता है। सभी इंसान पाना चाहिए अपनी खानदान का लोगों से आदर और भी दिखाना चाहिए।
परिवार का महत्व
कुटुम्ब का महत्व गहरा है। जीवन में खुशी और सुरक्षा का वास्तविक कारण कुटुम्ब ही होता है। सभी व्यक्ति को अपनी अभिभावक और परिजनों के प्रति सम्मान रखऩा ज़रूरी है। एक साथ मजबूत कुटुम्ब एक उत्तम समुदाय की नींव होता है।
वर्तमान समय में परिवार
वर्तमान में समय में, रीति-रिवाज़ों से बंधा परिवार की परिभाषा में बड़ा संशोधन हुआ है। विश्वव्यापीकरण और व्यावसायिक आवश्कताओं के कारण, बड़े परिवार से छोटे कुटुम्बों की ओर रुझान विकसित है। जवान पीढ़ी ज्यादा से ज्यादा स्वतंत्र रूप से रहने के लिए इच्छुक है, Pariwar इसलिए कि गृहस्थिक संबंधों में ढिलाई देखी ।
पारिवारिक एवं समाज
कुटुम्ब और समाज एक-दूसरे का संदर्भ में अभिन्न हैं। प्रत्येक इंसान अपने गृह से पनपता है और समाज में अपनी दायित्व प्रदान करता है। वही सुदृढ़ समाजता के लिए समृद्ध कुटुम्ब होना और इसके परिवार की प्रगति समाजता का प्रगति में योगदानकर्ता सिद्ध होता है।
परिवार में सहयोग साथ
परिवार में कुटुम्ब का सहयोग रिश्तों को और करता है। जब सभी सदस्य एक दूसरे की सहायता को पकड़कर प्रयास करते हैं, तो कोई भी मुश्किल परेशानी उन्हें नहीं हल पाती। यह कि हर सदस्य सदस्य अपनी जिम्मेदारी कर्तव्य को समझें और उसे निभाएं, जिससे परिवार कुटुम्ब में प्यार और विश्वास विश्वास बना रहे।
- एक दूसरे का हाथ देना
- घर के कामों में करना
- एक दूसरे की कहना सुनना
- खुशी-दुख में साथ
परिवार: सुख-दुख की साथी
अपना सहारा" घर होता है, जहाँ वो उल्लास और निराशा" झेलते हैं। यह अद्वितीय" जगह है, जहाँ "हमेशा "प्यार प्राप्त होता है और जिंदगी को सहयोगी" नज़र आते हैं।